बांदा में उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ ने बीएसए को ज्ञापन सौंपकर लंबित वेतनमान, एमडीएम भुगतान, शिक्षकों की समस्याओं के समाधान तथा जसपुरा खंड शिक्षा अधिकारी पर लगे आरोपों की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की।
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Banda शिक्षक संघ ने बीएसए को सौंपा ज्ञापन, लंबित समस्याओं के समाधान और जसपुरा बीईओ की जांच की मांग
बांदा। उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल (पूर्व माध्यमिक) शिक्षक संघ, शाखा-बांदा ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) को ज्ञापन सौंपकर जनपद के शिक्षक-शिक्षिकाओं की विभिन्न लंबित समस्याओं के शीघ्र एवं समयबद्ध निस्तारण की मांग की है। संगठन ने विद्यालयों के प्रशासनिक कार्यों में आ रही बाधाओं को दूर करने के साथ-साथ जसपुरा विकास खंड के खंड शिक्षा अधिकारी के विरुद्ध लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की भी मांग उठाई है।
शिक्षक संघ ने ज्ञापन में बताया कि कई विद्यालयों में प्रधान के हस्ताक्षर संबंधी तकनीकी एवं प्रशासनिक समस्याओं के कारण मध्याह्न भोजन (एमडीएम) योजना का भुगतान प्रभावित हो रहा है। इससे योजना के संचालन में कठिनाइयां उत्पन्न हो रही हैं। संगठन ने बीएसए से संबंधित बैंकों के साथ समन्वय स्थापित कर इस समस्या का तत्काल समाधान कराने का अनुरोध किया है।
संघ ने कई वर्षों से लंबित प्रोन्नत वेतनमान के मामलों का शीघ्र निस्तारण कर पात्र शिक्षक-शिक्षिकाओं को उसका लाभ दिलाने की मांग की। संगठन का कहना है कि लंबे समय से लंबित प्रकरणों के कारण शिक्षकों में असंतोष की स्थिति बनी हुई है।
वर्षा ऋतु में मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की अपील
ज्ञापन में कहा गया कि बरसात के दौरान जलभराव, खराब सड़कों और आवागमन की कठिनाइयों के कारण कई बार शिक्षक-शिक्षिकाओं को विद्यालय पहुंचने में 10 से 15 मिनट का विलंब हो जाता है। ऐसे मामलों में मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए केवल मामूली देरी के आधार पर दंडात्मक कार्रवाई न किए जाने की मांग की गई है।
जसपुरा खंड शिक्षा अधिकारी पर लगाए गंभीर आरोप
शिक्षक संघ के अध्यक्ष शैलेंद्र कुमार मिश्रा एवं महामंत्री राजवीर सिंह ने ज्ञापन में आरोप लगाया कि जसपुरा विकास खंड के खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा निरीक्षण के दौरान देर से आने वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं से एक हजार से तीन हजार रुपये तक की कथित अवैध वसूली किए जाने की शिकायतें संगठन को प्राप्त हुई हैं।
संघ ने इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने यह भी कहा कि आवश्यकता पड़ने पर संबंधित शिक्षक साक्ष्य एवं न्यायिक हलफनामे प्रस्तुत करने के लिए तैयार हैं।
कम्पोजिट ग्रांट में हिस्सेदारी मांगने का भी आरोप
ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि विद्यालयों को मिलने वाली कम्पोजिट ग्रांट में लगभग 10 प्रतिशत हिस्सेदारी मांगे जाने की शिकायतें भी संगठन को मिली हैं। शिक्षक संघ ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
प्रत्येक सप्ताह बीईओ कार्यालय में जनसुनवाई की मांग
शिक्षक संघ ने मांग की कि सभी खंड शिक्षा अधिकारी सप्ताह में कम से कम एक दिन अपने कार्यालय में बैठकर शिक्षक-शिक्षिकाओं की समस्याओं की सुनवाई करें तथा उनके प्रकरणों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करें।
ज्ञापन के माध्यम से संगठन ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से अपेक्षा जताई कि शिक्षक-शिक्षिकाओं की सभी लंबित समस्याओं का निष्पक्ष, पारदर्शी एवं समयबद्ध समाधान कराया जाए, जिससे विद्यालयों का शैक्षणिक एवं प्रशासनिक कार्य सुचारु रूप से संचालित हो सके।
Anil Tiwari is a Senior Journalist with extensive experience in print, digital, and television journalism. He has covered a wide range of subjects, including governance, public policy, politics, rural development, environment, illegal mining, law and order, and social issues. His work is driven by factual reporting, investigative journalism, and in-depth analysis, with a strong commitment to public interest and ethical journalism. Over the years, he has consistently highlighted grassroots issues, giving voice to underserved communities through credible and impactful reporting.
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