सड़क सुरक्षा एवं आगामी सड़क सुरक्षा पखवाड़े को लेकर राकेश बाजपेई ने उठाई आवाज
पैलानी क्षेत्र की सड़कों पर झुकी झाड़ियां, पेड़ों की डालियां और क्षतिग्रस्त रिफ्लेक्टर बने खतरा; बोले- सड़कें सुरक्षित होंगी तभी पखवाड़ा होगा सफल
पैलानी/बांदा। बारिश के बाद पैलानी तहसील क्षेत्र की विभिन्न प्रमुख सड़कों के दोनों ओर झुकी झाड़ियों, पेड़ों की डालियों तथा क्षतिग्रस्त रोड साइड रिफ्लेक्टरों को लेकर पूर्व नौसेना अधिकारी एवं स्थानीय निवासी राकेश बाजपेई ने प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराया है। उन्होंने जिला प्रशासन से सड़क सुरक्षा के दृष्टिगत तत्काल आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
राकेश बाजपेई ने जिलाधिकारी को दिए पत्र में जसपुरा ब्लॉक क्षेत्र से पैलानी डेरा होते हुए गाजीपुर तक, कनाखेड़ा से चंदवारा तक, पैलानी-गलौली मार्ग पर मध्य वाली की बाजार से बड़ा गांव तक, रामपुर चौराहा से रामपुर होते हुए मवई घाट तक तथा गढ़ीकला चौराहा से गढ़रिया होते हुए रेउपुरा तक की सड़कों की स्थिति की ओर ध्यान आकृष्ट कराया।
उन्होंने बताया कि पिछले ढाई माह से हुई भारी बारिश के कारण सड़कों के दोनों किनारों पर उगी झाड़ियां तथा पेड़ों की शाखाएं सड़क की ओर झुक गई हैं। कई स्थानों पर इनकी वजह से सड़क की चौड़ाई प्रभावित हो रही है। वहीं जगह-जगह सड़क पर कचरा और मिट्टी जमा होने से आवागमन और अधिक मुश्किल हो गया है।
रात में बढ़ जाता है दुर्घटना का खतरा
राकेश बाजपेई के अनुसार दिन की अपेक्षा रात के समय समस्या और गंभीर हो जाती है। झुकी हुई झाड़ियों और पेड़ों की डालियों के कारण सामने से आने वाले वाहन समय से दिखाई नहीं देते। इसके अलावा कई स्थानों पर सड़क किनारे लगे रिफ्लेक्टर क्षतिग्रस्त अथवा उखड़ गए हैं। ऐसे में रात के समय वाहन चालकों को सड़क की सीमा, मोड़ और किनारे का अनुमान लगाने में कठिनाई होती है।
उन्होंने कहा कि सड़क किनारे पर्याप्त स्थान नहीं रहने के कारण पैदल चलने वाले लोगों, विशेषकर बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को भी मुख्य सड़क पर चलना पड़ता है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
सड़क सुरक्षा पखवाड़े को लेकर उठाया मुद्दा
राकेश बाजपेई ने आगामी सड़क सुरक्षा पखवाड़े का उल्लेख करते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा केवल जागरूकता कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि “सड़क सुरक्षा पखवाड़ा तभी सफल माना जाएगा, जब सड़कें भी सुरक्षित हों।”
उन्होंने शासन, जिला प्रशासन और संबंधित विभागों से मांग की कि सड़क सुरक्षा पखवाड़े के दौरान जागरूकता अभियान के साथ-साथ सड़कों की वास्तविक सुरक्षा व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। इसके तहत सड़क किनारे झुकी झाड़ियों और पेड़ों की डालियों की कटाई-छंटाई, रोड सोल्डर की सफाई तथा क्षतिग्रस्त रोड साइड रिफ्लेक्टरों को बदलने का अभियान चलाया जाए।
विभागीय स्तर पर अभियान चलाने की मांग
उन्होंने संबंधित विभागों से क्षेत्र की सभी प्रमुख सड़कों का स्थलीय निरीक्षण कराकर ऐसे स्थानों को चिन्हित करने की मांग की है, जहां झाड़ियां, पेड़ों की डालियां, कचरा अथवा क्षतिग्रस्त सड़क किनारे की संरचनाएं यातायात में बाधा बन रही हैं।
राकेश बाजपेई ने कहा कि शासन-प्रशासन और संबंधित विभागों को सड़क सुरक्षा के इस व्यावहारिक पक्ष पर भी कदम उठाना चाहिए, ताकि यातायात सुरक्षित एवं सुचारु रूप से संचालित हो सके और किसी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके।
उन्होंने जनहित में प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई और संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग की है।