पैलानी में भाजपा कार्यकर्ता की छत से गिरकर मौत, राज्यमंत्री रामकेश निषाद ने परिजनों को बंधाया ढांढस
पैलानी/बांदा। जसपुरा थाना क्षेत्र के गौरी कला गांव में 62 वर्षीय भाजपा कार्यकर्ता राकेश शुक्ला की छत से गिरने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में शोक की लहर है। जलशक्ति राज्यमंत्री रामकेश निषाद ने गांव पहुंचकर दिवंगत के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दी।
जानकारी के अनुसार गौरी कला निवासी राकेश शुक्ला पुत्र सियाराम शुक्ला 14 अगस्त की रात अपने घर की छत पर सो रहे थे। रात में पेशाब के लिए उठने के दौरान वह संतुलन बिगड़ने से छत से नीचे गिर गए। परिजनों ने उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जसपुरा में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें रेफर कर दिया।
इसके बाद परिजन राकेश शुक्ला को मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। हालत में अपेक्षित सुधार नहीं होने पर उन्हें कानपुर ले जाया जा रहा था। 16 अगस्त की सुबह करीब चार बजे कानपुर जाते समय रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। परिजन शव को वापस गांव लेकर आए, जहां बड़े बेटे शिवाकांत शुक्ला ने अंतिम संस्कार किया।
राकेश शुक्ला दो भाइयों में छोटे थे। उनकी मौत से पत्नी सुदामा शुक्ला सहित परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है।
राज्यमंत्री ने परिजनों को दी सांत्वना
घटना की जानकारी मिलने पर जलशक्ति राज्यमंत्री रामकेश निषाद गौरी कला गांव पहुंचे और दिवंगत के बड़े बेटे शिवाकांत शुक्ला तथा छोटू शुक्ला से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। राज्यमंत्री ने कहा कि राकेश शुक्ला भाजपा के निष्ठावान कार्यकर्ता थे। उनके निधन से पार्टी और क्षेत्र ने एक समर्पित कार्यकर्ता खो दिया है, जिसकी भरपाई मुश्किल है।
इस दौरान इंद्रपाल शुक्ला, राजा भइया शुक्ला, चुनूबाद शुक्ला, पप्पू शुक्ला, राजा सिंह पिपरहरी, राजबहादुर सिंह उर्फ राजू सिंह, जसपुरा मंडल अध्यक्ष साहिब सिंह, राकेश सिंह चौहान सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
लसड़ा गांव पहुंचकर भी परिजनों को बंधाया ढांढस
राज्यमंत्री रामकेश निषाद ने लसड़ा गांव पहुंचकर कैलाश सिंह गौर के निधन पर भी शोक व्यक्त किया। बताया गया कि 85 वर्षीय कैलाश सिंह गौर का बीमारी के चलते निधन हो गया था। राज्यमंत्री ने उनके पुत्र जयविजय सिंह से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की और परिवार को ढांढस बंधाया।
इस मौके पर ग्राम प्रधान मैना देवी, जसपुरा मंडल अध्यक्ष साहिब सिंह, राजनारायण द्विवेदी, राजा सिंह पिपरहरी, सुरेश कुमार सुल्ली समेत अन्य लोग मौजूद रहे।