मर्का-कमासिन सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल, कमीशनखोरी के आरोप
शालिनी सिंह पटेल ने ठेकेदारों और अधिकारियों की मिलीभगत का लगाया आरोप, निष्पक्ष तकनीकी जांच के साथ ब्लैकलिस्टिंग और कार्रवाई की मांग

बांदा। मर्का से कमासिन तक नवनिर्मित सड़क की गुणवत्ता को लेकर जनता दल यूनाइटेड की प्रदेश उपाध्यक्ष एवं संगठन प्रभारी बुंदेलखंड शालिनी सिंह पटेल ने विभागीय अधिकारियों और निर्माण एजेंसी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण में निर्धारित मानकों की अनदेखी व धांधली की गई है। स्थिति यह है कि सड़क की सतह को पैर से रगड़ने मात्र से गिट्टी बाहर निकलने लगती है।

शालिनी सिंह पटेल ने कहा कि जनपद में विकास कार्यों के नाम पर कमीशनखोरी और सरकारी धन के दुरुपयोग का खेल चल रहा है। ठेकेदार घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल कर भुगतान प्राप्त कर लेते हैं, जबकि कुछ समय बाद ही सड़कों की बदहाल स्थिति निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े करने लगती है। ऐसे में निर्माण कार्यों की निगरानी करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब नई बनी सड़क की गुणवत्ता ऐसी है तो आखिर किस आधार पर निर्माण कार्य को मानकों के अनुरूप स्वीकार किया गया? उन्होंने संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से मांग की कि सड़क की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराई जाए। जांच में दोषी पाए जाने वाले ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट किया जाए तथा जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाए।
उन्होंने सड़क का पुनर्निर्माण निर्धारित मानकों के अनुरूप कराने की भी मांग की। शालिनी सिंह पटेल ने कहा कि जनता के टैक्स का पैसा विकास कार्यों पर खर्च होना चाहिए, न कि किसी ठेकेदार या अधिकारी के निजी लाभ का माध्यम बनना चाहिए। अब केवल कागजी जांच और आश्वासन पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करना जरूरी है।
