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मनीपुर एग्रो फार्म में भागवत कथा के सातवें दिन उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, भक्ति रस में सराबोर हुए श्रद्धालु
कथा वाचिका रेखा दीदी ने संगीतमय शैली में सुनाए भागवत प्रसंग, हरियाली के बीच आध्यात्मिक वातावरण में भावविभोर हुए ग्रामीण एवं भक्तजन
स्व. जयकरण सिंह की स्मृति में मूर्ति स्थापना एवं अनावरण के उपलक्ष्य में धार्मिक आयोजन, कल हवन-पूजन और विशाल भंडारे के साथ होगा समापन

बांदा। मनीपुर एग्रो फार्म में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के सातवें दिन श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक आस्था का अनूठा संगम देखने को मिला। फार्म परिसर में चारों ओर फैली हरियाली और प्राकृतिक वातावरण के बीच आयोजित कथा में ग्रामीणों सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। कथा वाचिका रेखा दीदी ने संगीतमय शैली में भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, भक्ति, धर्म और आध्यात्मिक जीवन से जुड़े विभिन्न प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा के दौरान भक्ति संगीत और धार्मिक प्रसंगों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
कथा व्यास पीठ से रेखा दीदी ने अपनी मधुर वाणी और संगीतमय प्रस्तुति के माध्यम से श्रीमद्भागवत के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए श्रद्धालुओं को धर्म, सदाचार, प्रेम, सेवा और भक्ति के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। कथा के दौरान श्रद्धालु भजन-कीर्तन में सहभागी बने और पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण से गुंजायमान रहा।

संगीत मंडली की प्रस्तुतियों ने बांधा समां
कथा को संगीतमय बनाने में कलाकारों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पंडित सुलभ द्विवेदी की सहभागिता के साथ ऑर्गन पर मुन्ना यादव, नाल पर झांसी के पवन दीवाना तथा पैड पर हमीरपुर के हृदय नारायण राठ ने ताल और संगीत की मनमोहक संगत प्रस्तुत की। भक्ति संगीत की स्वर लहरियों के बीच श्रद्धालु भावविभोर नजर आए। प्राकृतिक हरियाली के बीच आयोजित इस आध्यात्मिक कार्यक्रम की ग्रामीणों और आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे भक्तजनों ने सराहना की।
पिता स्व. जयकरण सिंह की स्मृति में मूर्ति स्थापना एवं भागवत कथा का आयोजन
आयोजक आलोक सिंह ने बताया कि उनके पिता स्वर्गीय जयकरण सिंह की स्मृति में मूर्ति स्थापना, अनावरण एवं सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन कराया गया है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन पिता की स्मृतियों को चिरस्थायी बनाए रखने तथा समाज में धार्मिक, आध्यात्मिक एवं पारिवारिक संस्कारों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से किया गया है।
धार्मिक आयोजन में आलोक सिंह एवं अजीत सिंह यजमान रहे, जबकि कथा परीक्षित श्रीमती संतोष सिंह रहीं।
जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों ने किया कथा रसपान
कथा में देशराज सिंह शिक्षक, इन्द्रदेव सिंह युवा नेता खरेला,वीरेंद्र सिंह कॉन्ट्रेक्टर, बांदा ,जिला पंचायत सदस्य सदाशिव अनुरागी, गणेश द्विवेदी प्रधानाचार्य गिरवां, रामपाल प्रजापति क्षेत्रीय कार्यसमिति सदस्य,अनूप सिंह शिक्षक, आशीष सिंह गोरखपुर,अरुण प्रताप सिंह, आदित्य सिंह, प्रशांत सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों ने पहुंचकर कथा का रसपान किया। इसके अलावा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। सभी ने धार्मिक आयोजन की सराहना करते हुए आध्यात्मिक वातावरण का आनंद लिया।
कल हवन-पूजन एवं विशाल भंडारे के साथ होगा भव्य समापन
सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का समापन कल विधि-विधान के साथ हवन-पूजन एवं विशाल भंडारे के आयोजन से होगा। समापन अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण एवं भंडारे की व्यवस्था की गई है।
आयोजक आलोक सिंह ने क्षेत्र के समस्त श्रद्धालुओं, ग्रामीणों एवं गणमान्य नागरिकों से समापन समारोह में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर हवन-पूजन में सहभागिता करने तथा भंडारे का प्रसाद ग्रहण करने की अपील की है।

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