जनहित पार्टी का व्यापक सदस्यता अभियान तेज, “राजनीति धन के लिए नहीं, जन के लिए” का दिया संदेश
लखनऊ। जनहित पार्टी ने प्रदेश भर में अपना व्यापक सदस्यता अभियान शुरू कर दिया है। “राजनीति धन के लिए नहीं, जन के लिए” के नारे के साथ पार्टी लगातार संगठन विस्तार की दिशा में सक्रिय रूप से कार्य कर रही है। पार्टी का दावा है कि वह आम नागरिकों की मूलभूत आवश्यकताओं—जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी और अन्य जरूरी सुविधाओं—को पूर्णतः निःशुल्क उपलब्ध कराने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है।
पार्टी के पदाधिकारियों के अनुसार, जनहित पार्टी जमीनी स्तर पर लोगों से जुड़कर उनकी समस्याओं को समझने और समाधान की दिशा में कार्य करने पर जोर दे रही है। इसके साथ ही “जड़, जंगल और जमीन” की सुरक्षा को लेकर भी पार्टी लगातार सक्रिय भूमिका निभा रही है। पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय संसाधनों के बचाव को पार्टी अपने प्रमुख एजेंडे में शामिल कर रही है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय जैन ने सदस्यता अभियान के दौरान कहा कि वर्तमान सरकारें अपने चुनावी मैनिफेस्टो को पूरा करने में पूरी तरह असफल साबित हो रही हैं सिर्फ़ चुनावी वादे बनकर रह जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी घोषणापत्रों में जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर न तो ठोस तैयारी होती है और न ही उन्हें लागू करने की गंभीरता दिखाई देती है।
राष्ट्रीय कार्यकारिणी पदाधिकारी मनीष काले, डॉ० सुभाष बरोड़ तथा उत्तर प्रदेश प्रभारी गजेंद्र अवस्थी ने संयुक्त रूप से बयान जारी करते हुए कहा कि “जनहित पार्टी सिर्फ युवाओं, वंचित समाज, किसान, मजदूर और राष्ट्र विकास के लिए लगातार प्रयासरत है और आगे भी रहेगी। अधिक से अधिक लोगों को पार्टी से जुड़ना चाहिए और राजनीति में समर्पित होकर सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। युवाओं को अपनी लड़ाई के लिए स्वयं आगे आना होगा। शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के मुद्दों पर संघर्ष करना आवश्यक है, तभी वास्तविक परिवर्तन संभव है। उन्हें केवल वर्तमान नीतियों का हिस्सा बनने के बजाय नीति निर्माता बनने की दिशा में आगे बढ़ना होगा।”
उन्होंने आगे कहा कि जनहित पार्टी अपने नाम के अनुरूप कार्य करते हुए राजनीति में पारदर्शिता और जनसेवा को प्राथमिकता दे रही है। पार्टी का लक्ष्य धनबल और प्रभाव की राजनीति से हटकर आम लोगों को राजनीतिक प्रक्रिया में शामिल करना है। विशेष रूप से युवाओं, किसानों, मजदूरों और उनके बच्चों को राजनीति में समान अवसर देने पर जोर दिया जा रहा है।
अभय जैन ने कहा कि जब तक वंचित और पिछड़े वर्गों को राजनीति में बराबरी का मौका नहीं मिलेगा, तब तक उनकी आवाज़ नीतियों तक नहीं पहुंच पाएगी। जनहित पार्टी इस दिशा में एक मजबूत मंच प्रदान करने का प्रयास कर रही है, ताकि समाज के हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित हो सके और जनहित से जुड़ी नीतियां प्रभावी रूप से बनाई जा सकें।
पार्टी का यह सदस्यता अभियान आने वाले समय में राजनीतिक परिदृश्य में नए बदलाव लाने का संकेत दे रहा है। जनहित पार्टी को उम्मीद है कि जनता का समर्थन उसे एक सशक्त विकल्प के रूप में स्थापित करेगा।