डॉ. पवन कुमार गुप्ता को मिली पीएचडी की डिग्री, क्षेत्र का गौरव
बांदा । चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कानपुर के 28वें दीक्षांत समारोह के अवसर पर डॉ. पवन कुमार गुप्ता को कृषि प्रसार (एग्रीकल्चरल एक्सटेंशन) विषय में डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (पीएचडी) की उपाधि प्रदान की गई। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के साथ उन्होंने न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र और जिले का नाम रोशन किया है।
डॉ. पवन कुमार गुप्ता उत्तर प्रदेश के बांदा जनपद के नरैनी क्षेत्र स्थित बांसी गांव के निवासी हैं। एक साधारण ग्रामीण परिवार से आने वाले डॉ. गुप्ता ने सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के बल पर यह मुकाम हासिल किया। उनकी सफलता ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले युवाओं के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आई है।
बांदा जनपद विशेष रूप से दलहन उत्पादन के लिए जाना जाता है। ऐसे में कृषि प्रसार के क्षेत्र में डॉ. गुप्ता की विशेषज्ञता भविष्य में जिले के किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी साबित हो सकती है। उनकी शिक्षा और अनुभव से क्षेत्र में आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रसार और उत्पादन बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
वर्तमान में डॉ. पवन कुमार गुप्ता भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान (ICAR-IIPR), कानपुर में यंग प्रोफेशनल-II के पद पर कार्यरत हैं। यहां वे दलहन फसलों के अनुसंधान, किसानों को तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराने तथा कृषि से जुड़े विकासात्मक कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उनके कार्यों का सीधा लाभ किसानों तक पहुंच रहा है, जिससे कृषि क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।
डॉ. गुप्ता की इस उपलब्धि पर उनके परिवार, गुरुजनों, मित्रों और क्षेत्रवासियों में हर्ष का माहौल है। सभी ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। यह सफलता न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय भी है।
