डायबिटीज में किस विटामिन की सबसे अधिक कमी होती है? जानिए न्यूरोपैथी से बचाव के उपाय, क्या खाएं और क्या न खाएं
हेल्थ डेस्क। भारत में डायबिटीज (मधुमेह) तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं में शामिल है। अधिकांश लोग केवल ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने पर ध्यान देते हैं, लेकिन लंबे समय तक अनियंत्रित डायबिटीज शरीर में कई आवश्यक विटामिन और खनिजों की कमी भी पैदा कर सकती है। यही कमी आगे चलकर नसों की कमजोरी (डायबिटिक न्यूरोपैथी), हड्डियों की समस्या, थकान और अन्य जटिलताओं का कारण बन सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, डायबिटीज के मरीजों में विटामिन D, विटामिन B12 और मैग्नीशियम की कमी सबसे अधिक देखी जाती है।
डायबिटीज में कौन-से विटामिन की कमी होती है?
1. विटामिन D
विटामिन D शरीर में इंसुलिन की कार्यक्षमता को बेहतर बनाने में मदद करता है। इसकी कमी से ब्लड शुगर नियंत्रित रखना कठिन हो सकता है। साथ ही हड्डियां कमजोर होने और मांसपेशियों में दर्द की समस्या भी बढ़ सकती है।
2. विटामिन B12, B कॉम्प्लेक्स
जो मरीज लंबे समय तक मेटफॉर्मिन दवा का सेवन करते हैं, उनमें विटामिन B12, व B कॉम्प्लेक्स की कमी का खतरा अधिक रहता है। इसकी कमी से हाथ-पैरों में झनझनाहट, सुन्नपन, कमजोरी, याददाश्त में कमी और नसों से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं।
3. मैग्नीशियम
मैग्नीशियम शरीर में ग्लूकोज मेटाबॉलिज्म और इंसुलिन के बेहतर उपयोग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसकी कमी ब्लड शुगर नियंत्रण को प्रभावित कर सकती है।
डायबिटिक न्यूरोपैथी क्या है?
डायबिटिक न्यूरोपैथी वह स्थिति है जिसमें लंबे समय तक बढ़ी हुई ब्लड शुगर नसों को नुकसान पहुंचाती है। इसके सामान्य लक्षण हैं—
हाथ-पैरों में झनझनाहट
पैरों में जलन या तेज दर्द
सुन्नपन, सुई चुभने जैसा एहसास
पैरों की संवेदना कम होना
चलने में असुविधा
यदि समय पर इलाज न कराया जाए तो पैरों में घाव बनने और संक्रमण का खतरा भी बढ़ सकता है।
न्यूरोपैथी से बचने के उपाय
ब्लड शुगर को लक्ष्य सीमा में रखें।
HbA1c की नियमित जांच कराएं।
विटामिन B12 और विटामिन D की जांच डॉक्टर की सलाह पर कराएं।
आवश्यकता होने पर चिकित्सकीय सलाह से सप्लीमेंट लें।
रोजाना 30–45 मिनट पैदल चलें या नियमित व्यायाम करें।
धूम्रपान और शराब से दूरी बनाएं।
पैरों की रोज जांच करें और किसी भी घाव को नजरअंदाज न करें।
आरामदायक जूते पहनें तथा नंगे पैर चलने से बचें।
लगातार झनझनाहट, जलन या सुन्नपन होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।
डायबिटीज में क्या खाएं?
- हरी पत्तेदार सब्जियां
- दालें और अंकुरित अनाज
- ओट्स, जौ और मोटे अनाज
- बादाम, अखरोट और अलसी के बीज
- अमरूद, जामुन, सेब और नाशपाती जैसे कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फल
- लो-फैट दूध और दही
- पर्याप्त मात्रा में पानी
- चीनी और मिठाइयां
- कोल्ड ड्रिंक और मीठे पेय
- मैदा से बने खाद्य पदार्थ
- तला-भुना और अत्यधिक तेल वाला भोजन
- पैकेज्ड स्नैक्स और प्रोसेस्ड फूड
- अधिक नमक और ट्रांस फैट वाले खाद्य पदार्थ
स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं
डायबिटीज को नियंत्रित रखने के लिए केवल दवाएं पर्याप्त नहीं हैं। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद, तनाव नियंत्रण और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच भी उतनी ही जरूरी है।
डायबिटीज में केवल ब्लड शुगर कम करना ही लक्ष्य नहीं होना चाहिए। विटामिन D, विटामिन B12 और मैग्नीशियम का पर्याप्त स्तर बनाए रखना भी बेहद जरूरी है। इन पोषक तत्वों की कमी समय रहते पहचानकर और सही खान-पान, नियमित जांच तथा चिकित्सकीय सलाह का पालन करके डायबिटिक न्यूरोपैथी सहित कई गंभीर जटिलताओं के जोखिम को कम किया जा सकता है।
अस्वीकरण: यह लेख केवल सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के उद्देश्य से है। किसी भी दवा, सप्लीमेंट या उपचार को शुरू या बंद करने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें।
