चित्रकूट में मंदाकिनी नदी की भीषण बाढ़, 20 साल का रिकॉर्ड टूटा, सेना-एनडीआरएफ राहत कार्य में जुटी
चित्रकूट। लगातार बारिश और नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी के बाद चित्रकूट में मंदाकिनी नदी ने विकराल रूप धारण कर लिया है। नदी का पानी खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने के बाद आसपास के निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। बाढ़ के कारण आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है और हजारों लोगों के प्रभावित होने की सूचना है।
बताया जा रहा है कि मंदाकिनी नदी ने करीब 20 वर्षों के अपने रिकॉर्ड जलस्तर को पार कर लिया है। नदी का पानी तेजी से आसपास के इलाकों में फैल रहा है। घाटों, संपर्क मार्गों और निचले क्षेत्रों में जलभराव के चलते लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
सेना और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर
बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया गया है। सेना और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य में जुटी हैं। प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के प्रयास लगातार जारी हैं।
प्रशासन की टीमें भी प्रभावित इलाकों में लगातार निगरानी कर रही हैं। जहां सड़क मार्ग से पहुंचना मुश्किल हो रहा है, वहां बचाव दलों की मदद से लोगों को सुरक्षित निकालने का प्रयास किया जा रहा है।
वायुसेना के हेलिकॉप्टरों से निगरानी और बचाव
बाढ़ की भयावह स्थिति को देखते हुए वायुसेना के हेलिकॉप्टर भी राहत-बचाव अभियान में जुटे हैं। हेलिकॉप्टरों के माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी की जा रही है और जरूरत वाले स्थानों पर बचाव अभियान चलाया जा रहा है।
नदी के बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव को देखते हुए लोगों से नदी तथा उसके आसपास के क्षेत्रों में न जाने की अपील की गई है।
हजारों लोग प्रभावित, कई लोगों के लापता होने की सूचना
मंदाकिनी की बाढ़ से चित्रकूट और आसपास के इलाकों में हजारों लोगों के प्रभावित होने की सूचना है। वहीं, कई लोगों के लापता होने की खबर से चिंता बढ़ गई है। सेना, एनडीआरएफ, पुलिस और स्थानीय राहत दल संभावित प्रभावित क्षेत्रों में बचाव एवं तलाश अभियान चला रहे हैं।
लापता लोगों की संख्या और उनके संबंध में स्थिति की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराने की कार्रवाई जारी है।
निचले इलाकों सहित पूरे धाम क्षेत्र में बढ़ा खतरा
मंदाकिनी का जलस्तर लगातार बढ़ने से नदी किनारे बसे निचले इलाकों में खतरा बढ़ गया है। कई स्थानों पर जलभराव के कारण आवागमन प्रभावित हुआ है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर तत्काल सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।
बाढ़ की मौजूदा स्थिति ने चित्रकूट में आपदा प्रबंधन तंत्र के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। प्रशासन, सेना और एनडीआरएफ की टीमें लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है।