बिजनौर में शेयर मार्केट निवेश के नाम पर ₹25 करोड़ की कथित ठगी, पांच आरोपियों पर केस दर्ज
बिजनौर। उत्तर प्रदेश के बिजनौर में शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि 'बोट ब्रो' नामक कंपनी के माध्यम से करीब 3,000 लोगों से लगभग ₹25 करोड़ का निवेश कराया गया। निवेशकों का आरोप है कि शुरुआत में उन्हें नियमित रिटर्न देकर भरोसा जीता गया, लेकिन बाद में कंपनी का संचालन बंद हो गया और निवेश की रकम वापस मांगने पर झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी गई। मामले में पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला काजीपाड़ा निवासी ताज नबी की तहरीर पर पुलिस ने देहरादून निवासी नवीन नेगी, गढ़वाल निवासी राजेश वशिष्ठ, बिजनौर की बंगाली कॉलोनी निवासी पूजा विश्वास, सिविल लाइंस निवासी मोहित कुमार तथा गांव आदमपुर निवासी मुकेश कुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
शुरुआत में दिया आकर्षक रिटर्न, फिर बढ़ाया निवेश
शिकायत के अनुसार, करीब तीन वर्ष पहले आरोपियों ने स्वयं को शेयर मार्केट निवेश कराने वाली 'बोट ब्रो' कंपनी का टीम लीडर बताते हुए लोगों को निवेश के लिए प्रेरित किया। आरोप है कि उन्होंने बिजनौर के हजारों लोगों से कंपनी से जुड़े बैंक खातों में करीब ₹25 करोड़ जमा कराए।
निवेशकों का कहना है कि शुरुआत में ₹1 लाख के निवेश पर प्रतिमाह ₹7,000 का रिटर्न दिया जाता था। साथ ही नए निवेशक जोड़ने पर कमीशन का लालच भी दिया गया। बेहतर मुनाफे के भरोसे बड़ी संख्या में लोगों ने कंपनी में निवेश कर दिया।
रकम मांगने पर मिली धमकी
पीड़ितों का आरोप है कि जब उन्होंने अपनी जमा राशि वापस मांगी तो उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी गई। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि कंपनी का संचालन मुजफ्फरनगर निवासी लवीश चौधरी कर रहा था। करीब डेढ़ वर्ष पहले कंपनी का संचालन अचानक बंद हो गया और आरोप है कि लवीश चौधरी दुबई चला गया।
पहले भी हुई थी शिकायत
कुछ महीने पहले बड़ी संख्या में पीड़ित पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर चुके थे। पुलिस द्वारा मामले की प्रारंभिक जांच के बाद अब पांच आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस का बयान
शहर कोतवाल अवनीत मान ने बताया कि मामले में केस दर्ज कर लिया गया है। सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।