17 वर्षों से महिला छात्रावास पर अवैध कब्जे का विवाद, ABVP के अनशन को मिला शालिनी सिंह पटेल का समर्थन
पंडित जेएन पीजी कॉलेज में दूसरे दिन भी जारी रहा छात्र-छात्राओं का अनशन, शाम को निकाला गया मशाल जुलूस

बांदा। पंडित जेएन पीजी कॉलेज परिसर स्थित महिला छात्रावास में कथित अवैध कब्जे को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के नेतृत्व में छात्र-छात्राओं ने अनशन जारी रखते हुए महिला छात्रावास को तत्काल कब्जामुक्त कराकर छात्राओं के उपयोग के लिए उपलब्ध कराने की मांग उठाई।
अनशन के दूसरे दिन छात्रों के समर्थन में जेडीयू नेता शालिनी सिंह पटेल भी धरनास्थल पर पहुंचीं और आंदोलन को अपना समर्थन दिया। उन्होंने छात्र-छात्राओं की मांगों को गंभीर बताते हुए महिला छात्रावास के मामले में प्रशासन से प्रभावी कार्रवाई की मांग की।
17 वर्षों से बंद है महिला छात्रावास
आंदोलन कर रहे छात्रों का आरोप है कि महिला छात्रावास पिछले करीब 17 वर्षों से कथित अवैध कब्जे के कारण संचालित नहीं हो पा रहा है। छात्र संगठनों का कहना है कि छात्राओं के लिए बनाए गए छात्रावास का उपयोग लंबे समय से नहीं हो पाने के कारण उन्हें आवासीय सुविधा से वंचित होना पड़ रहा है।
छात्रों ने जिला प्रशासन और कॉलेज प्रबंधन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर छात्रावास को कब्जामुक्त कराया जाए। साथ ही यदि प्रकरण न्यायालय में लंबित है तो प्रशासन की ओर से प्रभावी पैरवी किए जाने की मांग भी उठाई गई।
दूसरे दिन निकाला गया मशाल जुलूस
आंदोलन के दूसरे दिन शाम को छात्र-छात्राओं ने मशाल जुलूस निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया। जुलूस के दौरान छात्रों ने महिला छात्रावास को कब्जामुक्त कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर आवाज बुलंद की।
ABVP के पदाधिकारियों और छात्रों ने कहा कि जब तक महिला छात्रावास के संबंध में ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया गया है। छात्रों ने प्रशासन से मामले में शीघ्र हस्तक्षेप कर समस्या का समाधान कराने की मांग की।
प्रशासन से प्रभावी कार्रवाई की मांग
आंदोलनकारियों ने कहा कि महिला छात्रावास सार्वजनिक एवं छात्रहित से जुड़ा विषय है। ऐसे में मामले की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाई जानी चाहिए और यदि कब्जा अवैध पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
शालिनी सिंह पटेल ने भी छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेने और छात्राओं के हित में आवश्यक कदम उठाने की मांग की।
नोट: अवैध कब्जे से संबंधित आरोप आंदोलनरत छात्रों एवं समर्थकों द्वारा लगाए गए हैं। संबंधित पक्ष का आधिकारिक पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रकाशित किया जा सकता है।