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यूजीसी एक्ट के विरोध में बांदा में जोरदार प्रदर्शन, हजारों की भीड़ ने निकाला जुलूस
स्वर्ण स्वाभिमान मंच के बैनर तले महाराणा प्रताप चौक से कलेक्ट्रेट तक पदयात्रा, राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन; स्वर्ण आयोग और आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग
बांदा। यूजीसी एक्ट और एससी-एसटी आरक्षण समेत विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार को बांदा में स्वर्ण स्वाभिमान मंच के बैनर तले जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। महाराणा प्रताप चौक पर बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए और इसके बाद जुलूस के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी की और राष्ट्रपति के नाम जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
कार्यक्रम प्रमुख राजा कृष्ण कांत तिवारी और संयोजक अजय सिंह गौर के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन में हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए। वकील, किसान नेता, छात्र, युवा और सैकड़ों समाजसेवी भी प्रदर्शन में शामिल हुए।
भाजपा सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
प्रदर्शनकारियों ने भाजपा सरकार को इसके लिए जिम्मेदार ठहराते हुए आरोप लगाया कि अब तक धर्म और जाति के नाम पर समाज को बांटने की राजनीति की जाती रही और अब छात्रों तथा युवाओं के बीच भी विभाजन पैदा करने का प्रयास किया जा रहा है।
वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा संस्थानों को राजनीति और सामाजिक टकराव का केंद्र नहीं बनाया जाना चाहिए। छात्रों और युवाओं का भविष्य देश की सबसे बड़ी प्राथमिकता होना चाहिए।
प्रदर्शनकारियों ने यह भी चेतावनी दी कि सवर्ण समाज में सरकार के प्रति बढ़ते असंतोष का असर आने वाले चुनावों में देखने को मिल सकता है। हालांकि यह प्रदर्शनकारियों की राजनीतिक चेतावनी और दावा है।
जयराम सिंह बछेउरा बोले—विश्वविद्यालय पढ़ाई का अड्डा होना चाहिए, लड़ाई का नहीं

प्रदर्शन के दौरान जयराम सिंह बछेउरा ने कहा कि यूजीसी एक्ट की मांग आखिर किसने की है, सरकार को इसका जवाब देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपने स्तर से ऐसा कानून लेकर आई है, जिसका इस्तेमाल समाज में आपसी टकराव बढ़ाने के लिए किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को पढ़ाई का अड्डा बनाना चाहिए, लड़ाई का नहीं। धर्म और जाति के बाद अब छात्रों के बीच भी विद्वेष की भावना पैदा करना उचित नहीं है। राजनीति अपनी जगह है, लेकिन सरकार को देश के भविष्य को ध्यान में रखते हुए फैसले लेने चाहिए।
बछेउरा ने आरोप लगाया कि सवर्ण समाज के नेताओं ने भी इस मुद्दे पर अपेक्षित तरीके से आवाज नहीं उठाई।
भाजपा नेता राकेश बाजपेयी ने यूजीसी एक्ट को बताया सवर्ण विरोधी

प्रदर्शन में भाजपा नेता एवं पूर्व नौसैनिक अधिकारी राकेश बाजपेयी ने यूजीसी एक्ट को सवर्ण विरोधी बताते हुए सरकार से इस पर पुनर्विचार करने की मांग की व् देशहित छात्रहित , समाज के लिए कदम उठाने की मांग दोहराई ।
छात्रों ने जताया दुःख, सरकार को घेरा
प्रदर्शन में शामिल छात्रों ने भी यूजीसी एक्ट और आरक्षण से जुड़े मुद्दों पर अपनी नाराजगी जाहिर की। छात्रों ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में ऐसे प्रावधानों को लेकर स्पष्टता और व्यापक चर्चा होनी चाहिए, जिससे विद्यार्थियों के बीच किसी तरह का सामाजिक विभाजन न बढ़े। छात्र नेता उदय प्रताप डेविड ने उठाए गंभीर सवाल यूजीसी एक्ट की जरूरत क्या है किसने मांग की थी क्यों उठाया ऐसा कदम !
गरुड़ सेना ने भी सौंपा तीन सूत्रीय ज्ञापन
प्रदर्शन के दौरान गरुड़ सेना की ओर से भी ज्ञापन सौंपा गया। हरिओम दीक्षित के नेतृत्व में संगठन के पदाधिकारियों और समर्थकों ने जिलाधिकारी को तीन सूत्रीय ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में यूजीसी एक्ट और एससी-एसटी ,आरक्षण से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए सरकार से आवश्यक कदम उठाने की मांग की गई।
समान नागरिक संहिता और आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग
प्रदर्शनकारियों ने समान नागरिक संहिता लागू करने, आरक्षण को आर्थिक आधार पर लागू करने और स्वर्ण आयोग के गठन की मांग भी उठाई।
महाराणा प्रताप चौक से कलेक्ट्रेट तक निकले जुलूस में लगातार नारेबाजी होती रही। कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनकी मांगों पर सरकार गंभीरता से विचार करे और ऐसा रास्ता निकाला जाए जिससे सभी वर्गों के हितों की रक्षा के साथ सामाजिक समरसता भी बनी रहे।

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