26 दिन बाद भी चोरी हुए ट्रैक्टर का सुराग नहीं, एफआईआर दर्ज होने के बावजूद पुलिस खाली हाथ
आजीविका का एकमात्र सहारा छिनने से परिवार पर रोजी-रोटी का संकट, पीड़ित ने एसपी से लगाई गुहार; विशेष टीम गठित कर बरामदगी की मांग
नरैनी (बांदा)। पनगरा निवासी 40 वर्षीय द्वारिका का ट्रैक्टर चोरी हुए 26 दिन बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस अब तक उसका सुराग नहीं लगा सकी है। 03 अक्टूबर की रात त्रिपाठी मैरिज हाल से उनका स्वराज 735 न्यू मॉडल ट्रैक्टर चोरी हो गया था। घटना की सूचना 04 अक्टूबर को पुलिस को दी गई, जिसके बाद एफआईआर संख्या 0273 दर्ज की गई। इसके बावजूद ट्रैक्टर की बरामदगी नहीं हो सकी है।
पीड़ित द्वारिका के मुताबिक, ट्रैक्टर संख्या UP90AJ1956 ही उनके परिवार की आजीविका का एकमात्र साधन था। वह इसी ट्रैक्टर के माध्यम से खेती-किसानी के कार्य कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। ट्रैक्टर चोरी होने के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
पीड़ित ने बताया कि जिस स्थान से ट्रैक्टर चोरी हुआ, वहां त्रिपाठी मैरिज हाल में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। हालांकि, फुटेज में एक पेड़ आड़े आने के कारण ट्रैक्टर ले जाने वाले संदिग्धों के चेहरे स्पष्ट दिखाई नहीं दे सके। पीड़ित का आरोप है कि मुकदमा दर्ज होने के बावजूद अब तक पुलिस की ओर से कोई ऐसी प्रभावी कार्रवाई सामने नहीं आई है, जिससे ट्रैक्टर की बरामदगी हो सके।
न्याय की उम्मीद में द्वारिका पुलिस अधीक्षक से भी मिला, लेकिन उसके अनुसार अभी तक उसे केवल आश्वासन ही मिला है। पीड़ित ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि किसी प्रभावशाली या संपन्न व्यक्ति का ट्रैक्टर चोरी हुआ होता तो शायद पुलिस अब तक उसकी बरामदगी के लिए पूरी ताकत लगा चुकी होती।
सीसीटीवी और एफआईआर के बावजूद बरामदगी पर सवाल
घटना के बाद एफआईआर दर्ज होने और घटनास्थल पर सीसीटीवी कैमरे लगे होने के बावजूद 26 दिन तक ट्रैक्टर का पता नहीं चलना पुलिस की जांच और कार्रवाई पर सवाल खड़े कर रहा है। पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से मामले में व्यक्तिगत हस्तक्षेप कर विशेष टीम गठित करने, आसपास के जनपदों एवं क्षेत्रों में ट्रैक्टर की तलाश कराने और जल्द बरामदगी सुनिश्चित कराने की मांग की है।
अब देखना यह है कि परिवार की आजीविका से जुड़े इस मामले में पुलिस प्रशासन कब तक ठोस कार्रवाई कर ट्रैक्टर बरामद कर पाता है।