प्राइवेट बस यूनियन की हड़ताल: रोडवेज़ बसों के संचालन का विरोध, सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा ज्ञापन
बांदा। बांदा से बबेरू, बिसंडा और ओरन मार्ग पर रोडवेज़ बसों के संचालन का विरोध करते हुए प्राइवेट बस यूनियन ने हड़ताल कर प्रदर्शन किया। यूनियन के पदाधिकारियों ने सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपकर इन मार्गों पर रोडवेज़ बसों के संचालन पर रोक लगाने की मांग की। ज्ञापन में रोडवेज़ के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक (एआरएम) पर विभिन्न आरोप लगाते हुए मामले की जांच और कार्रवाई की मांग भी की गई।
बिना परमिट वाहनों और सीएनजी वाहनों पर उठाए सवाल
धरना स्थल पर मौजूद यूनियन के परिचालक अमर सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि बिना परमिट संचालित रोडवेज़ बसों तथा बिना परमिट चल रहे सीएनजी वाहनों का संचालन तत्काल बंद कराया जाना चाहिए। उनका आरोप था कि ऐसे वाहनों के संचालन से निजी बस संचालकों का व्यवसाय प्रभावित हो रहा है।
यूनियन ने अपने ज्ञापन में कुछ बिना परमिट संचालित वाहनों, जिनमें सीएनजी वाहन भी शामिल हैं, के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं सरकार की नीति पुराने एवं अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाकर स्वच्छ ईंधन और कम या शून्य उत्सर्जन (Zero Emission) वाले परिवहन साधनों को बढ़ावा देने की रही है। ऐसे में यूनियन की मांग और सरकार की नीति को लेकर भी चर्चा बनी हुई है।
यात्रियों ने रोडवेज़ सेवा को बताया अधिक सुरक्षित
दूसरी ओर कई यात्रियों का कहना है कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों तक सुरक्षित और सुगम परिवहन उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ग्रामीण सेवा बस सेवा जैसी योजनाएं भी इसी उद्देश्य से शुरू की गई हैं, ताकि गांव-देहात के लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा मिल सके।
यात्रियों के अनुसार अधिकांश निजी बसें 10 से 15 वर्ष से अधिक पुरानी हो चुकी हैं। उन्होंने निजी बसों की तकनीकी स्थिति, सुरक्षा मानकों और सेवा व्यवहार पर भी सवाल उठाए। यात्रियों का कहना है कि इन्हीं कारणों से बड़ी संख्या में लोग रोडवेज़ बसों में सफर करना अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक मानते हैं।
समाजसेवी ने फिटनेस और दस्तावेजों की जांच की मांग उठाई
समाजसेवी सुखेंद्र द्विवेदी ने कहा कि निजी बसों की तकनीकी स्थिति की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। उनका आरोप है कि कई बसों के बीमा, फिटनेस, प्रदूषण प्रमाणपत्र सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज समय पर अद्यतन नहीं होते। उन्होंने परिवहन विभाग से सभी निजी बसों की नियमित जांच कराने की मांग की।
उन्होंने कहा कि परिवहन व्यवस्था में यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए। किसी भी प्रकार की मोनोपोली के बजाय स्वस्थ प्रतिस्पर्धा होनी चाहिए, ताकि बेहतर सुविधा और सुरक्षा प्रदान करने वाली सेवाओं को यात्री अपनी इच्छा से चुन सकें।
एआरएम से संपर्क का प्रयास
समाचार के संबंध में रोडवेज़ के एआरएम का पक्ष जानने के लिए उनसे फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हुआ। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।