राष्ट्रीय लोक अदालत में 1,23,708 वादों का निस्तारण
17.58 करोड़ रुपये से अधिक अर्थदंड वसूला, मोटर दुर्घटना और चेक बाउंस मामलों में पीड़ितों को करोड़ों की राहत
बांदा। शनिवार को जनपद न्यायालय बांदा, बाह्य न्यायालय अतर्रा, बबेरू, नरैनी तथा तहसील मुख्यालयों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जनपद न्यायालय परिसर में जनपद न्यायाधीश श्रीमती अल्पना ने दीप प्रज्ज्वलित कर लोक अदालत का शुभारंभ किया। सुलह-समझौते के आधार पर आयोजित लोक अदालत में कुल 1,23,708 वादों का निस्तारण किया गया। विभिन्न मामलों में कुल 17,58,61,618 रुपये का अर्थदंड वसूल किया गया।
मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी सुनील कुमार यादव ने 71 वादों का निस्तारण करते हुए बीमा कंपनियों से पीड़ित पक्षों को 3.92 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति दिलाई। विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट संजय कुमार सिंह ने 167 वाद निस्तारित कर 24,18,086 रुपये अर्थदंड लगाया।
विद्युत विभाग से संबंधित 9,882 प्री-लिटिगेशन वादों का निस्तारण किया गया, जिनमें 7,25,94,378 रुपये की वसूली हुई। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ज्योत्सना यादव ने 242 चालानों का निस्तारण करते हुए दो लाख रुपये अर्थदंड लगाया।
सिविल जज सीडी अंशुमाली पाण्डेय ने 11 वादों का निस्तारण किया। चार उत्तराधिकार वादों में 42,47,408 रुपये के उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी किए गए। रेलवे के अपर सीजेएम दिव्यकान्त सिंह राठौर ने 564 वादों का निस्तारण कर 4,90,410 रुपये अर्थदंड अधिरोपित किया।
बबेरू के सिविल जज तुषार जायसवाल ने 193 वादों का निस्तारण किया। चेक बाउंस के दो मामलों में पीड़ित पक्षों को 2,67,000 रुपये दिलाए गए। वहीं स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष विवेक कुमार गुप्ता ने छह वादों का निस्तारण कर पीड़ित पक्षों को 15,000 रुपये की राहत दिलाई।
राजस्व विभाग की विभिन्न अदालतों में 81,570 वाद, आरटीओ बांदा द्वारा 16,802, पुलिस विभाग द्वारा 12,640 तथा उपभोक्ता फोरम एवं अन्य विभागों द्वारा 216 वादों का निस्तारण किया गया। बैंकों ने 936 मामलों में समझौता कराते हुए कर्जदारों से 9.95 करोड़ रुपये की वसूली की। बीएसएनएल ने भी 11 वादों का निस्तारण कर 10,874 रुपये वसूले।
उद्घाटन समारोह में न्यायिक अधिकारी, जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष विमल कुमार सिंह, महासचिव राजेश त्रिपाठी, जिला अग्रणी प्रबंधक बैंक रवि शंकर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान न्यायिक एवं बैंक अधिकारियों का पौधा और स्मृति चिह्न भेंटकर स्वागत किया गया। जनपद न्यायालय परिसर में विभिन्न विभागों की ओर से जागरूकता स्टॉल भी लगाए गए।