बांदा में किसानों का अनशन समाप्त: 7 दिन में समाधान का लिखित आश्वासन
बिसंडा बिजली घर का मामला, हजारों किसान प्रभावित
बांदा- जनपद के बिसंडा बिजली घर से जुड़े किसानों का अनशन चौथे दिन समाप्त हो गया। जिला पंचायत अध्यक्ष सुनील पटेल एवं पूर्व मंत्री शिवशंकर सिंह पटेल के साथ पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों की मांगों पर एक सप्ताह के भीतर समाधान का लिखित आश्वासन दिया, जिसके बाद समाजसेवी पीसी पटेल जनसेवक और किसानों ने अनशन स्थगित कर दिया।
धान की रोपाई के बीच पानी और बिजली संकट
वर्तमान समय में किसान धान की नर्सरी बेड रोपाई में दिन-रात जुटे हुए हैं, लेकिन नहरों में पानी न आने से किसानों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है। ऐसे में बिजली ही एकमात्र सहारा बचा है, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली विभाग और ठेकेदार केवल खानापूर्ति कर रहे हैं और जमीनी स्तर पर समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा।
35 हजार किसानों पर असर, शिकायतों पर नहीं हुई कार्रवाई
समाजसेवी पीसी पटेल ने बताया कि सैकड़ों गांवों के लगभग 35 हजार किसान इस समस्या से प्रभावित हैं। किसानों ने कई बार संबंधित विभागों, जिला प्रशासन, मुख्यमंत्री पोर्टल और जनप्रतिनिधियों को शिकायतें दीं, लेकिन अधिकारियों द्वारा बिना स्थलीय जांच के मनमानी रिपोर्ट लगाकर शासन को गुमराह किया गया।
अन्ना गौवंश और जल जीवन मिशन पर भी उठे सवाल
किसानों ने बताया कि अन्ना गौवंशों द्वारा फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा है और सड़कों पर घूमते पशु दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे हैं। जबकि सरकार की योजनाओं में इन पशुओं के संरक्षण की बात कही गई है, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका पालन नहीं हो रहा।
वहीं जल जीवन मिशन को लेकर भी सवाल उठाए गए। अधिकारियों द्वारा हर घर पानी पहुंचाने का दावा किया जा रहा है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि हकीकत इससे बिल्कुल अलग है और अधिकांश घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा।
14 सूत्रीय मांग पत्र स्वीकार, 7 दिन में समाधान का भरोसा
अनशन स्थल पर पहुंचे अधिकारियों में मुख्य विकास अधिकारी अजय पांडेय, तहसीलदार अतर्रा व बबेरू, अधीक्षण अभियंता दक्षिणांचल विद्युत, अधिशासी अभियंता विद्युत अतर्रा, अधिशासी अभियंता जल निगम और उपखंड अधिकारी अतर्रा शामिल रहे।
प्रशासन ने किसानों की 14 सूत्रीय मांगों को स्वीकार करते हुए 7 दिनों के भीतर समाधान का लिखित आश्वासन दिया, जिसके बाद किसानों ने अनशन समाप्त कर दिया।
चेतावनी: वादा खिलाफी हुई तो होगा बड़ा आंदोलन
समाजसेवी पीसी पटेल जनसेवक ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि किसानों के साथ किसी भी प्रकार का धोखा किया गया, तो मजबूर होकर बड़े स्तर पर जनआंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की होगी।
बड़ी संख्या में ग्रामीण रहे मौजूद
इस मौके पर राजरानी, विमला, रामप्यारी, मधु कुमारी, हीरिया देवी, शकुंतला, रामनिहोर, अखिलेश मौर्य, सुमित, दीपू, रामचंद्र, अशोक, राजाराम, धीरेन्द्र पटेल, चंद्रकेशन सिंह, राजधर शुक्ला, राजेंद्र प्रसाद, बृजकिशोर पटेल, छोटेलाल पटेल, गया प्रसाद (पत्रकार), मोहित, सचेंद्र, रामबहोरी (शिक्षक), राजकरण पटेल, रामनरेश मौर्य, नवलकिशोर, श्यामकिशोर पटेल, अशोक कुमार, रामबाबू, पवन त्रिपाठी, मुलायम यादव, पवन कुमार, संदीप, अंकित, रोहित, अर्जुन कुशवाहा सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।