स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली के खिलाफ जदयू का आमरण अनशन चौथे दिन जारी
आयुक्त को 15 सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर दूसरे जनपद की टीम से निष्पक्ष जांच की मांग, आंदोलन तेज करने की चेतावनी

बांदा। जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति, कथित अनियमितताओं और आम जनता से जुड़ी समस्याओं को लेकर जनता दल यूनाइटेड (जदयू) द्वारा शुरू किया गया अनिश्चितकालीन आमरण अनशन चौथे दिन भी जारी रहा। जदयू की प्रदेश उपाध्यक्ष एवं बुंदेलखंड संगठन प्रभारी शालिनी सिंह पटेल के नेतृत्व में अशोक लाट पर चल रहे धरने में पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार तथा कथित भ्रष्टाचार के मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
इसी क्रम में जदयू महिला प्रकोष्ठ की जिला अध्यक्ष पिंकी प्रजापति के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं एवं आम नागरिकों के एक समूह ने चित्रकूटधाम मंडल के आयुक्त को 15 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में जनपद की स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के समाधान के साथ-साथ प्रशासनिक स्तर पर प्रभावी कार्रवाई की मांग की गई है।
दूसरे जनपद की जांच टीम गठित करने की मांग
जदयू नेताओं ने ज्ञापन के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित लगाए जा रहे गंभीर आरोपों और कथित अनियमितताओं की जांच के लिए किसी अन्य जनपद से निष्पक्ष जांच टीम गठित किए जाने की मांग की है। पार्टी नेताओं का कहना है कि स्थानीय स्तर पर होने वाली जांच को लेकर आम लोगों के बीच सवाल उठते रहे हैं, इसलिए मामले की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए बाहरी जांच टीम से जांच कराई जानी चाहिए।
जदयू नेताओं ने कहा कि उनका आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, प्रशासनिक जवाबदेही और आम जनता को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग को लेकर है।
चार दिन से जारी है आमरण अनशन
जदयू के अनुसार अशोक लाट पर शुरू किया गया अनिश्चितकालीन आमरण अनशन लगातार चौथे दिन भी जारी रहा। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि चार दिन बीत जाने के बावजूद प्रशासन की ओर से उनकी मांगों पर अपेक्षित स्तर पर सकारात्मक पहल नहीं की गई है।
जदयू नेताओं ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं सीधे आम नागरिक के जीवन और सुरक्षा से जुड़ा विषय हैं। ऐसे में अस्पतालों और चिकित्सा व्यवस्था से संबंधित शिकायतों पर समयबद्ध तरीके से जांच और कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि प्रशासन की ओर से मांगों पर शीघ्र संज्ञान नहीं लिया गया तो आंदोलन को आगे और व्यापक किया जाएगा। हालांकि, प्रशासन की ओर से ज्ञापन और लगाए गए आरोपों पर क्या कार्रवाई की जाएगी, इसका विस्तृत पक्ष अभी सामने नहीं आया है।
बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और आम नागरिक रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपने के दौरान जदयू के पूर्व जिला अध्यक्ष उमाकांत सविता, जिला अध्यक्ष जुगुल पटेल, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य रवींद्र नाथ गुप्ता, प्रदेश सचिव महिला प्रकोष्ठ गरिमा सिंह पटेल, अतर्रा नगर अध्यक्ष महिला प्रकोष्ठ ज्योति मौर्य, नगर विकास प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष काशी प्रसाद, सामाजिक कार्यकर्ता धीरज मिश्रा, अटल बिहारी, बिहारी पटेल, बिहारी अनुरागी, श्रीराम प्रजापति, भरत लाल कुशवाहा, संतोष अकेला, पूनम देवी, सुनीता पटेल, रामप्यारी देवी, भैरामदीन पटेल, रावेन्द्र सिंह और ओम प्रकाश सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
जदयू नेताओं के अनुसार कार्यक्रम में करीब दो सौ कार्यकर्ता एवं आम नागरिक शामिल हुए। नेताओं ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान और मांगों पर कार्रवाई होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
प्रशासन के रुख पर टिकी निगाहें
जदयू के आमरण अनशन और आयुक्त को ज्ञापन सौंपे जाने के बाद अब प्रशासन की कार्रवाई पर निगाहें टिकी हैं। आंदोलनकारियों ने 15 सूत्रीय मांगों पर त्वरित निर्णय, कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और दोष पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।
ज्ञापन में उठाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित विभाग और जिला प्रशासन की ओर से जांच अथवा आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।