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बांदा में जेडीयू का डीएम घेराव कल, शालिनी सिंह पटेल के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता जुटेंगे
बांदा। रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज एवं जिले की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर चल रहा आंदोलन अब और तेज होने जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के साथ जिला अस्पताल परिसर में तैयार 300 बेड के अस्पताल को शुरू कराने सहित 15 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन कर रहीं जेडीयू की प्रदेश उपाध्यक्ष एवं बुंदेलखंड प्रभारी शालिनी सिंह पटेल के नेतृत्व में सोमवार को सैकड़ों जेडीयू कार्यकर्ताओं द्वारा जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव किए जाने की घोषणा की गई है।
शालिनी सिंह पटेल पिछले कई दिनों से बांदा के अशोक लाट में आमरण अनशन पर बैठी हैं। जेडीयू की ओर से स्वास्थ्य विभाग और रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज से संबंधित विभिन्न मांगों को लेकर प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपे जा चुके हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि मांगों पर अब तक अपेक्षित लिखित आश्वासन नहीं मिलने के कारण आंदोलन को अगले चरण में ले जाने का निर्णय लिया गया है।
300 बेड के अस्पताल को तत्काल शुरू कराने की मांग
आंदोलन की प्रमुख मांगों में जिला अस्पताल परिसर में तैयार 300 बेड के अस्पताल को तत्काल शुरू कराना शामिल है। जेडीयू का कहना है कि बांदा में मरीजों की बढ़ती संख्या और स्वास्थ्य सेवाओं पर लगातार बढ़ रहे दबाव को देखते हुए अस्पताल का संचालन जल्द शुरू किया जाना आवश्यक है।
संगठन का कहना है कि अस्पताल के शुरू होने से जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज पर मरीजों का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है तथा स्थानीय लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
मेडिकल कॉलेज और स्वास्थ्य विभाग में कथित भ्रष्टाचार की जांच की मांग
शालिनी सिंह पटेल के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन में रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज और स्वास्थ्य विभाग में कथित भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं की जांच की मांग भी प्रमुखता से उठाई जा रही है।
जेडीयू का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग से संबंधित कई मामलों में पारदर्शिता का अभाव है और व्यवस्थाओं में सुधार की आवश्यकता है। संगठन ने संबंधित मामलों की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय किए जाने की मांग की है।
हालांकि भ्रष्टाचार अथवा अनियमितता से जुड़े आरोपों की वास्तविकता का निर्धारण सक्षम जांच के बाद ही किया जा सकता है। संबंधित विभाग और मेडिकल कॉलेज प्रशासन का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
15 सूत्रीय मांगों को लेकर जारी है आमरण अनशन
जेडीयू की ओर से स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी 15 सूत्रीय मांगें प्रशासन के समक्ष रखी गई हैं। इनमें स्वास्थ्य संस्थानों की व्यवस्थाओं में सुधार, कर्मचारियों की कार्यप्रणाली की समीक्षा, ड्यूटी एवं रोस्टर व्यवस्था की जांच तथा स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने से जुड़े मुद्दे शामिल हैं।
इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग में लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात कर्मचारियों एवं अधिकारियों की व्यवस्था की समीक्षा, आउटसोर्सिंग कर्मचारियों से संबंधित समस्याओं तथा अन्य प्रशासनिक मामलों पर भी कार्रवाई की मांग की गई है।
लिखित आश्वासन नहीं मिलने पर बढ़ा आंदोलन
आंदोलनकारियों के अनुसार विभिन्न मांगों को लेकर प्रशासन को कई बार ज्ञापन दिया जा चुका है, लेकिन अभी तक उनकी मांगों पर ठोस और लिखित आश्वासन नहीं मिला है। इसी को लेकर अब जेडीयू ने प्रशासन का घेराव करने का निर्णय लिया है।
शालिनी सिंह पटेल के नेतृत्व में होने वाले कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं के शामिल होने का दावा किया गया है। प्रस्तावित घेराव को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था को लेकर भी आवश्यक व्यवस्थाएं किए जाने की संभावना है।
स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर नजर
बांदा में जिला अस्पताल और रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज पर आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के अलावा चित्रकूटधाम मंडल के मरीजों का भी दबाव रहता है। ऐसे में अस्पतालों में पर्याप्त संसाधन, चिकित्सकीय सुविधाएं, मानव संसाधन और बेहतर प्रबंधन का मुद्दा सीधे आम मरीजों से जुड़ा हुआ है।
अब सभी की नजर प्रस्तावित डीएम घेराव पर है। देखना होगा कि आंदोलन के बाद जिला प्रशासन शालिनी सिंह पटेल और जेडीयू प्रतिनिधिमंडल से वार्ता कर 15 सूत्रीय मांगों पर क्या कार्रवाई करता है और क्या आंदोलन समाप्त कराने के लिए कोई लिखित आश्वासन दिया जाता है।

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