बांदा में आईजीआरएस शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण में लापरवाही पर जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। 11 अधिकारियों का अगस्त 2026 का वेतन अग्रिम आदेश तक रोका गया।
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बांदा में आईजीआरएस शिकायतों पर सख्ती, 11 अधिकारियों का अगस्त वेतन रोका
आईजीआरएस जनसुनवाई,शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर सख्ती, बांदा के 11 अधिकारियों का अगस्त माह का वेतन रोका
बांदा। जनशिकायतों के गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक निस्तारण को लेकर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। आईजीआरएस (समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली) की शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले 11 अधिकारियों का अगस्त 2026 का वेतन अग्रिम आदेशों तक रोकने की कार्रवाई की गई है। यह कार्रवाई जिलाधिकारी के आदेश दिनांक 12 अगस्त 2026 के क्रम में की गई है।
जुलाई की आईजीआरएस रैंकिंग में बांदा 44वें स्थान पर
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, जुलाई 2026 की आईजीआरएस मासिक रिपोर्ट में जनपद बांदा को प्रदेश स्तर पर 44वीं रैंक प्राप्त हुई थी। वहीं जून 2026 में जनपद की रैंक 40वीं थी। समीक्षा में पाया गया कि संबंधित अधिकारियों द्वारा शिकायतों के निस्तारण के बाद प्राप्त होने वाले संतोषजनक फीडबैक का प्रतिशत बेहद कम रहा, जिसका प्रतिकूल प्रभाव जिले की रैंकिंग पर पड़ा।
जिला प्रशासन के अनुसार संबंधित अधिकारियों को पहले ही शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण और संतोषजनक फीडबैक में सुधार के निर्देश दिए गए थे। अधिकारियों को स्पष्टीकरण एवं अंतिम चेतावनी भी जारी की गई थी।
चेतावनी के बावजूद नहीं हुआ अपेक्षित सुधार
निर्देशों के बावजूद अपेक्षित सुधार नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों से व्यक्तिगत रूप से स्पष्टीकरण मांगा गया और उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए पर्याप्त अवसर दिया गया। इसके बाद भी न तो संतोषजनक स्पष्टीकरण प्राप्त हुआ और न ही फीडबैक की स्थिति में अपेक्षित सुधार दिखाई दिया।
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने 11 अधिकारियों के अगस्त 2026 के वेतन को अग्रिम आदेशों तक रोकने की कार्रवाई की है।
इन 11 अधिकारियों पर हुई कार्रवाई
प्रेस विज्ञप्ति में जिन अधिकारियों का वेतन रोकने की कार्रवाई का उल्लेख है, उनमें—
1. विमल कुमार – अधिशासी अभियंता, उप्र जल निगम (ग्रामीण), बांदा
2. अभिषेक अवस्थी – जिला समाज कल्याण अधिकारी, बांदा
3. नरेन्द्र कुमार यादव – तहसीलदार, अतर्रा, बांदा
4. अवनीश त्यागी – उप जिलाधिकारी, बबेरू, बांदा
5. प्रमोद कुमार सिंह – खंड विकास अधिकारी, बिसंडा, बांदा
6. अरुण कुमार कुशवाहा – सहायक विकास अधिकारी (पंचायत), बिसंडा, बांदा
7. गुरु प्रसाद – सहायक विकास अधिकारी (पंचायत), बबेरू, बांदा
8. रेखा केशरवानी – बाल विकास परियोजना अधिकारी, नरैनी, बांदा
10. डॉ. दिनेश राजपूत – प्रभारी चिकित्साधिकारी, कमासिन, बांदा
11. डॉ. विकास यादव – प्रभारी चिकित्साधिकारी, नरैनी, बांदा
शामिल हैं।
शिकायतों के निस्तारण में औपचारिकता नहीं चलेगी
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आईजीआरएस एवं मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर प्राप्त जनशिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता पूरी करने तक सीमित नहीं होना चाहिए। शिकायतों का समाधान गुणवत्तापूर्ण, तथ्यपरक और शिकायतकर्ता की वास्तविक समस्या का समाधान करने वाला होना चाहिए।
प्रशासन ने कहा है कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। जनशिकायतों के निस्तारण में शिथिलता, उदासीनता या लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय करते हुए कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
नियमित समीक्षा के निर्देश
सभी जिला स्तरीय एवं अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे प्राप्त शिकायतों की नियमित समीक्षा करें और उनका समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें। साथ ही शिकायतकर्ताओं से संवाद स्थापित कर उनकी वास्तविक समस्या का समाधान उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है।
जिला प्रशासन का मानना है कि प्रभावी शिकायत निस्तारण से आम जनता का शासन एवं प्रशासन के प्रति विश्वास बढ़ेगा और जनपद की आईजीआरएस रैंकिंग में भी सुधार आएगा।
Anil Tiwari is a Senior Journalist with extensive experience in print, digital, and television journalism. He has covered a wide range of subjects, including governance, public policy, politics, rural development, environment, illegal mining, law and order, and social issues. His work is driven by factual reporting, investigative journalism, and in-depth analysis, with a strong commitment to public interest and ethical journalism. Over the years, he has consistently highlighted grassroots issues, giving voice to underserved communities through credible and impactful reporting.
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