Article Body
बांदा में कोडीन सिरप की बड़ी खेप बरामद, 250 पेटियों में 30 हजार शीशियां पकड़ीं; चार गिरफ्तार
यूपी एसटीएफ और बिसंडा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, डीसीएम और एस्कॉर्ट कार भी कब्जे में; एक आरोपी वांछित

बांदा। उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में नशीली दवाओं की अवैध सप्लाई के खिलाफ यूपी एसटीएफ और बिसंडा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। ‘ऑपरेशन ईगल’ के तहत संयुक्त टीम ने 250 पेटियों में रखी 30 हजार कोडीन सिरप की शीशियां बरामद करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार बरामद सिरप की कुल मात्रा करीब 3,000 लीटर है, जिसकी अनुमानित कीमत 60 लाख 45 हजार रुपये बताई गई है।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने सिरप की खेप ले जा रहे डीसीएम वाहन के साथ एक एस्कॉर्ट कार को भी कब्जे में लिया है। पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी को वांछित बताया गया है।
चार आरोपी गिरफ्तार, एक वांछित
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान धीरेंद्र पुत्र भगवत प्रसाद निवासी नहर पुरवा, बिसंडा, प्रवीण उर्फ लकी पुत्र स्व. दयाराम निवासी अतर्रा, रोहित पुत्र कालूराम निवासी अतर्रा और शेखर पुत्र राजकुमार निवासी भैना, हापुड़ के रूप में हुई है।
वहीं प्रियांशू उर्फ किशन पुत्र मुन्नालाल निवासी अतर्रा को पुलिस ने वांछित बताया है।
दिल्ली से बांदा तक पहुंच रही थी कोडीन सिरप की खेप

पुलिस का दावा है कि आरोपी दिल्ली से कोडीन सिरप की खेप लाते थे। इसके बाद कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज और बदले हुए रैपर का इस्तेमाल कर सिरप को अतर्रा, बांदा, चित्रकूट और मध्य प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में सप्लाई किया जाता था।
पुलिस की कार्रवाई से इस कथित नेटवर्क के अंतरजनपदीय और अंतरराज्यीय कनेक्शन की जांच का रास्ता खुल गया है। अब जांच एजेंसियों के सामने यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि इस नेटवर्क में सप्लायर, परिवहनकर्ता और स्थानीय रिसीवर की भूमिका किस-किस की थी।
250 पेटियों की खेप पर उठे निगरानी तंत्र को लेकर सवाल
बरामदगी भले ही बड़ी कार्रवाई मानी जा रही हो, लेकिन इस मामले ने स्थानीय निगरानी और खुफिया तंत्र पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि 250 पेटियों में 30 हजार शीशियों की बड़ी खेप दिल्ली से बांदा क्षेत्र तक पहुंच गई, तो रास्ते में इसकी भनक संबंधित निगरानी तंत्र को पहले क्यों नहीं लगी?
जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि क्या इससे पहले भी इसी तरह की कोडीन सिरप की खेप बांदा और आसपास के इलाकों में पहुंची थी? यदि ऐसा हुआ है तो उन खेपों को किसने मंगाया, कहां स्टॉक किया गया और किन क्षेत्रों में सप्लाई किया गया, इसकी भी पड़ताल जरूरी होगी।
कार्रवाई से आगे नेटवर्क तक पहुंचना बड़ी चुनौती
चार आरोपियों की गिरफ्तारी और बड़ी मात्रा में कोडीन सिरप की बरामदगी के बाद अब पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती कथित पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की है। दिल्ली में सप्लाई का स्रोत, परिवहन व्यवस्था, फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले लोग और बांदा-चित्रकूट क्षेत्र में कथित रिसीवरों की भूमिका की जांच महत्वपूर्ण होगी।
मामले में वांछित आरोपी की गिरफ्तारी के साथ-साथ पुलिस जांच में यदि किसी स्तर पर लापरवाही, संरक्षण या मिलीभगत के तथ्य सामने आते हैं तो उनकी भी जवाबदेही तय होना आवश्यक होगा।
फिलहाल पुलिस बरामदगी, गिरफ्तार आरोपियों और कथित सप्लाई नेटवर्क से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है। जांच आगे बढ़ने के साथ इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के नाम सामने आने की संभावना है।

Comments