बांदा में चकबंदी में कथित गड़बड़ियों के विरोध में किसानों का आमरण अनशन 24वें दिन भी जारी है। युवा समाजसेवियों ने आंदोलन को समर्थन दिया और प्रशासन पर अनदेखी के आरोप लगाए।
Article Body
बांदा में 24 दिन से भूखे बैठे किसान, CM आए लेकिन नहीं सुनी फरियाद—युवाओं में उबाल!
चकबंदी में कथित अनियमितताओं के विरोध में किसानों का आमरण अनशन 24वें दिन भी जारी
बांदा: जनपद बांदा में चकबंदी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर किसानों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। अशोक लाट पर भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के नेतृत्व में चल रहा किसानों का आमरण अनशन शनिवार को 24वें दिन में प्रवेश कर गया, लेकिन अब तक प्रशासन या जनप्रतिनिधियों की ओर से कोई ठोस पहल सामने नहीं आई है।
किसानों का आरोप है कि हाल ही में जिले में पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पास में जनसभा तो की, लेकिन आंदोलनरत किसानों से न तो मुलाकात की और न ही उनकी समस्याओं को सुनने का प्रयास किया गया। इससे किसानों में गहरी नाराजगी देखी जा रही है।
आंदोलन स्थल पर मौजूद किसानों का कहना है कि स्थानीय जनप्रतिनिधि भी केवल औपचारिकता निभाते नजर आए और किसी ने भी किसानों की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने की गंभीर कोशिश नहीं की। मुख्यमंत्री द्वारा विभिन्न योजनाओं का जिक्र किया गया, लेकिन जमीनी स्तर पर किसानों की समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।
शनिवार को युवा समाजसेवियों का एक समूह भी आंदोलन स्थल पर पहुंचा। मुकेश विश्वकर्मा, सतेंद्र शर्मा और शिवा यादव ने अनशन में शामिल होकर किसानों को समर्थन दिया। इस दौरान उन्होंने किसानों की आवाज को लगातार उठाने वाले अर्पित सिंह के साथ एकजुटता जताई और प्रशासन से जल्द समाधान की मांग की।
किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
Anil Tiwari is a Senior Journalist with extensive experience in print, digital, and television journalism. He has covered a wide range of subjects, including governance, public policy, politics, rural development, environment, illegal mining, law and order, and social issues. His work is driven by factual reporting, investigative journalism, and in-depth analysis, with a strong commitment to public interest and ethical journalism. Over the years, he has consistently highlighted grassroots issues, giving voice to underserved communities through credible and impactful reporting.
Comments