भागवत कथा के चौथे दिन कृष्ण जन्मोत्सव की धूम, श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़
बांदा। शहर के गणेश चौक स्थित रामलीला मैदान में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का आयोजन अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। कथा स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का भव्य उत्सव मनाया गया।
व्यास पीठ से आचार्य तुलसीदास ने श्रीमद्भागवत कथा का रसपान कराते हुए भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य अवतार, उनकी बाल लीलाओं एवं धर्म स्थापना के संदेश का विस्तार से वर्णन किया। उनके प्रेरणादायी प्रवचनों को श्रद्धालुओं ने भाव-विभोर होकर सुना और सराहा।
कथा के दौरान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की मनमोहक झांकी प्रस्तुत की गई। जैसे ही भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का प्रसंग आया, पूरा पंडाल "नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की" के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने भक्ति गीतों पर झूमते हुए भगवान का स्वागत किया।

कार्यक्रम के आयोजक समाजसेवी श्यामबाबू त्रिपाठी ने सभी श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का उद्देश्य समाज में धर्म, संस्कार और मानवता के मूल्यों को मजबूत करना है। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से कथा श्रवण कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण की आरती में भाग लिया तथा प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया। कथा महोत्सव में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति बनी हुई है।