पांच दिवसीय आंदोलन के बाद अभाविप का प्रदर्शन समाप्त
जिलाधिकारी ने खुद प्रशासक के साथ महिला छात्रावास का किया निरीक्षण, मांगों पर तय हुई समयसीमा
बांदा । पंडित जवाहरलाल नेहरू महाविद्यालय, बांदा में 17 वर्षों से निर्मित महिला छात्रावास को संचालित कराने समेत महाविद्यालय की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) द्वारा चलाया जा रहा पांच दिवसीय आंदोलन शुक्रवार को प्रशासन के लिखित आश्वासन के बाद समाप्त हो गया।

आंदोलन के पांचवें दिन जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, अपर जिलाधिकारी, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी और सिटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में जिलाधिकारी ने स्वयं अभाविप कार्यकर्ताओं से ज्ञापन लिया। इसके बाद जिलाधिकारी ने महाविद्यालय के प्रशासक के साथ महिला छात्रावास का मौके पर निरीक्षण किया। उन्होंने छात्रावास के विभिन्न कक्षों और परिसर में घूमकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों से आवश्यक जानकारी ली।
अभाविप की प्रमुख मांगों में महिला छात्रावास का संचालन, महाविद्यालय के जर्जर भवनों की मरम्मत, खेल मैदान में बाउंड्रीवाल का निर्माण, खेल सामग्री की जांच एवं उपलब्धता, पुस्तकालय में आवश्यक पुस्तकों की व्यवस्था, परिसर की स्वच्छता एवं सौंदर्यीकरण, छात्र-छात्राओं के प्रसाधन की व्यवस्था तथा कक्षाओं का नियमित संचालन शामिल रहा।

इन मांगों के लिए तय हुई समयसीमा
प्रशासन के लिखित आश्वासन के अनुसार महिला छात्रावास को 1 नवंबर तक संचालित करने, प्रशासनिक एवं अन्य समितियों का गठन 4 अक्टूबर, समय-सारिणी का प्रदर्शन 7 अक्टूबर, प्रसाधन एवं कक्षाओं की व्यवस्था 17 अक्टूबर तथा परिसर की स्वच्छता एवं सौंदर्यीकरण 25 अक्टूबर तक पूरा करने की समयसीमा दी गई है।
खेल सामग्री की जांच एवं आवश्यक कार्रवाई 3 नवंबर तक तथा खेल मैदान की बाउंड्रीवाल का निर्माण तीन माह के भीतर पूरा किए जाने का आश्वासन दिया गया है।
अभाविप के जिला संयोजक कार्तिकेय गुप्ता ने कहा कि महाविद्यालय की मूलभूत और शैक्षणिक समस्याओं के समाधान को लेकर संगठन ने पांच दिनों तक शांतिपूर्ण आंदोलन किया। प्रशासन द्वारा मांगों पर कार्रवाई के लिए लिखित समयसीमा दिए जाने के बाद आंदोलन समाप्त किया गया है। संगठन निर्धारित समयसीमा में कार्यों के क्रियान्वयन की अपेक्षा करता है और विद्यार्थियों के हित में संवाद एवं सहयोग जारी रखेगा।
आंदोलन के दौरान शिवम पांडेय, सुभाष त्रिपाठी, कमल रंजन, अभिषेक अग्रहरि, राहुल द्विवेदी, गोविंद तिवारी, स्नेहा नामदेव, अभय साहू, रामेन्द्र शर्मा, शैलेन्द्र दीक्षित, युवराज सिंह, प्रवीण, ओम सिंह, अक्षय मिश्रा, अभय सोनी, हिमांश श्रीवास, हर्ष, दिलीप यादव, अंश पुष्पक, अम्मू अवस्थी, दुर्गेश, अम्ब्रिका, शिवम, निखिल, सुरभि, शैलेंद्र लोधी, अंशिका, समीर सिंह, पूनम, प्रीति, रूपाली, रीता, हिमांशी, अंकुर सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।