बांदा में एक नाबालिग सहित 5 लोगों को 5 दिन से चौकी में बैठाने का मामला, पुलिस अधीक्षक से शालिनी सिंह पटेल ने मांगा जवाब
बांदा। जनपद की कालू कुआं मंडी समिति स्थित पुलिस चौकी में 16 जुलाई 2026 से 5 लोगों को बैठाए जाने का मामला अब गंभीर सवालों के घेरे में आ गया है। इस पूरे प्रकरण को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता शालिनी सिंह पटेल ने बांदा पुलिस प्रशासन से जवाब मांगा है और पारदर्शिता की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नीरज प्रजापति (निवासी निमनी) सहित कुल 5 व्यक्तियों को 16 जुलाई से कालू कुआं चौकी में बैठाया गया है। आज 20 जुलाई तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि आखिर किस कानूनी आधार और किस सक्षम अधिकारी के आदेश पर इन लोगों को चौकी में रखा गया है।
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि यदि किसी व्यक्ति को 24 घंटे से अधिक समय तक पुलिस हिरासत में रखा जाता है, तो भारतीय कानून के तहत उसे अनिवार्य रूप से मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत किया जाना चाहिए। लेकिन अब तक यह जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है कि क्या संबंधित व्यक्तियों को किसी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया था या नहीं।
जब इस संबंध में पुलिस अधिकारियों से जानकारी लेने की कोशिश की गई, तो स्पष्ट उत्तर देने के बजाय नियम-कानून का हवाला दिया गया, जिससे संदेह और गहरा हो गया है।
शालिनी सिंह पटेल ने बांदा के पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि इस पूरे प्रकरण पर सार्वजनिक रूप से स्थिति स्पष्ट की जाए। उन्होंने कहा कि यदि नीरज प्रजापति को 16 जुलाई से लगातार चौकी में रखा गया है, तो यह बताया जाए कि किस मजिस्ट्रेट के आदेश पर ऐसा किया गया और उस आदेश की प्रति भी सार्वजनिक की जाए।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि कोई वैध आदेश मौजूद नहीं है, तो किस कानून और अधिकार के तहत इन व्यक्तियों को कई दिनों तक चौकी में बैठाकर रखा गया। उन्होंने कहा कि कानून सभी नागरिकों के लिए समान है और पुलिस प्रशासन भी संविधान के दायरे में कार्य करने के लिए बाध्य है।
इस मामले में पारदर्शिता की मांग करते हुए उन्होंने निष्पक्ष जांच कराने और यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।