अयोध्या के रुदौली तहसील में समाधान दिवस के दौरान हंगामा, तीन अधिवक्ताओं और 10 अज्ञात पर सरकारी कार्य में बाधा डालने का केस दर्ज, जांच जारी।
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अयोध्या रुदौली समाधान दिवस हंगामा: 3 अधिवक्ताओं समेत 10 अज्ञात पर केस दर्ज
Ayodhya - तीन अधिवक्ताओं सहित 10 लोगों पर मुकदमा दर्ज जांच जारी
अयोध्या/रुदौली। जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस उस समय विवादों में घिर गया, जब तहसील रुदौली परिसर में जिलाधिकारी की मौजूदगी के बीच हंगामा खड़ा हो गया। घटना के बाद पुलिस ने तीन अधिवक्ताओं सहित करीब 10 अज्ञात लोगों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने और लोक सेवकों से अभद्रता करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 18 जुलाई को आयोजित रुदौली समाधान दिवस में जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी स्वयं मौजूद थे। इसी दौरान ग्राम सैदपुर निवासी दिनेश कुमार मिश्रा ने गाटा संख्या 1419 के चकमार्ग पर अवैध कब्जे की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में भवानी प्रसाद पर आरोप लगाया गया कि उन्होंने रास्ते पर कब्जा कर उसे अपने खेत में मिला लिया है। साथ ही अधिवक्ता गोरखनाथ तिवारी पर भी इस मामले में संलिप्तता का आरोप लगाया गया।
शिकायत सामने आते ही माहौल गर्मा गया। आरोप है कि अधिवक्ता गोरखनाथ तिवारी नाराज हो गए और अधिकारियों से तीखी नोकझोंक करने लगे। जब उनसे लिखित शिकायत देने को कहा गया, तो उन्होंने इंकार करते हुए मेज पर हाथ पटक दिया और अन्य अधिवक्ताओं को भी उकसाने लगे। इसके बाद तहसील प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू हो गई।
घटना यहीं नहीं थमी। आरोप है कि अधिवक्ता रमेश शुक्ला भी उत्तेजित होकर जोर-जोर से चिल्लाने लगे और अधिकारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया। इसके बाद वे सभागार से बाहर निकलकर अन्य अधिवक्ताओं और फरियादियों को धरने के लिए प्रेरित करने लगे। स्थिति को संभालने के प्रयास के दौरान अधिवक्ता आशीष पांडेय भी इस विवाद में शामिल हो गए और कथित रूप से सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न की।
इस पूरे मामले में लेखपाल वेद प्रकाश यादव की तहरीर पर पुलिस ने अधिवक्ता गोरखनाथ तिवारी, रमेश शुक्ला, आशीष पांडेय और करीब 10 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की है।
प्रभारी निरीक्षक रुदौली संजय मौर्य ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि सरकारी कार्य में व्यवधान और अनुशासनहीनता को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
Anil Tiwari is a Senior Journalist with extensive experience in print, digital, and television journalism. He has covered a wide range of subjects, including governance, public policy, politics, rural development, environment, illegal mining, law and order, and social issues. His work is driven by factual reporting, investigative journalism, and in-depth analysis, with a strong commitment to public interest and ethical journalism. Over the years, he has consistently highlighted grassroots issues, giving voice to underserved communities through credible and impactful reporting.
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