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औगासी यमुना पुल में गड्ढे और बाहर निकली सरिया, मरम्मत के बीच जांच की मांग
खबर प्रकाशित होने के बाद शुरू हुई मरम्मत, निर्माण गुणवत्ता को लेकर जिम्मेदार विभाग से जवाब मांग रहे क्षेत्रवासी
बबेरू/बांदा। बांदा और फतेहपुर को जोड़ने वाले औगासी यमुना नदी पुल की बदहाल स्थिति एक बार फिर चर्चा में है। पुल की सड़क पर जगह-जगह गड्ढे उभरने और उनमें लोहे की सरिया दिखाई देने के बाद निर्माण गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। मामले को प्रमुखता से सामने लाए जाने के बाद पुल पर क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत शुरू करा दी गई है।
विधानसभा चुनाव 2022 से पहले जिस तेजी के साथ औगासी यमुना पुल को आवागमन के लिए शुरू किया गया था, अब उसकी सतह पर गड्ढे और बाहर निकली सरिया निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर रही हैं। महत्वपूर्ण मार्ग होने के कारण प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहन इस पुल से गुजरते हैं। ऐसे में पुल की सतह का इस तरह क्षतिग्रस्त होना राहगीरों और वाहन चालकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
खबर के बाद सक्रिय हुआ विभाग
पुल की बदहाल स्थिति और गड्ढों में दिखाई दे रही सरियों को लेकर खबर प्रकाशित होने के बाद जिम्मेदार विभाग की ओर से मरम्मत का काम शुरू कराया गया। क्षतिग्रस्त स्थानों को भरने और पुल की सतह को दुरुस्त करने का प्रयास किया जा रहा है।
हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल गड्ढों की मरम्मत कर देने से निर्माण गुणवत्ता से जुड़े सवाल खत्म नहीं होंगे। यदि पुल की सतह अपेक्षाकृत कम समय में इस तरह क्षतिग्रस्त हुई है और सरिया बाहर आने लगी है, तो इसकी वजह जानने के लिए तकनीकी जांच जरूरी है।
मरम्मत के साथ तकनीकी जांच की मांग
क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि पुल की मरम्मत के साथ निर्माण कार्य की गुणवत्ता की स्वतंत्र तकनीकी जांच भी कराई जाए। पुल में इस्तेमाल सामग्री, सड़क की मोटाई और निर्माण में निर्धारित मानकों के पालन की जांच होने पर ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
लोगों का सवाल है कि यदि जांच में निर्माण संबंधी खामियां सामने आती हैं तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों, इंजीनियरों और संबंधित निर्माण एजेंसी की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।
महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है औगासी पुल
औगासी यमुना पुल बांदा और फतेहपुर के बीच आवागमन का महत्वपूर्ण माध्यम है। पुल की खराब होती सतह को लेकर समय रहते गंभीरता नहीं बरती गई तो आने वाले समय में समस्या और बढ़ सकती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गड्ढे भरना जरूरी है, लेकिन गड्ढों के पीछे की वजह तलाशना उससे भी ज्यादा जरूरी है। अब निगाह इस बात पर है कि मरम्मत के साथ पुल की निर्माण गुणवत्ता की जांच कराई जाती है या मामला केवल सतही मरम्मत तक सीमित रह जाता है।

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